Digestive system in Hindi । पाचन तंत्र क्‍या है समझाइए Best 50+ Question Read Now

Hello students आपको आज की इस क्‍लास में मानव पाचन तंत्र को जीरो लेवल से हाई लेवल तक पडाऐगें  चाहे आप  5th To 12th कक्षा में हो  या किसी कंपटीसन एक्‍जाम की तेयारी कर रहे हो  तो चलिए शुरू करते हैं ।

(1)मानव पाचन तंत्र ( Human Digestive system )-

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 मानव के भोजन ग्रहण करने से लेकर मल त्‍याग तक की प्रिक्रिया में अनेक अंग एंव ग्रन्थियाँ आदि शामिल होती हैं ,जो कि हमारे भोजन को मल में परिवर्तित करती हैं और यह एक सामंजस्‍य(सिस्‍टम) के साथ कार्य करते हैं यह पाचन तंत्र कहलाता हैं।

(2) पाचन (Digestive) – 

भोजन के जटिल खाद्य पदार्थों ( कार्बोहाइड्रेट,प्रोटीन,वसा आदि‍ ) को सरल खाद्यय पदार्थो में विभिन्‍न भागो एंव एन्‍जाइम के द्वारा छोटे -छोटे अणुओं में ताेडना एंव उनसे उर्जा प्राप्‍त करना ही पाचन कहलाता हैं ।

Note – (1) कार्बोहाइड्रेट ‘मोनोसेकेराइड और डाइसेकेराइड ‘ में टूटता हैं ।

(2) प्रोटीन ‘ऐमीनो अम्‍ल’ में टूटता हैं ।

(3) वसा ‘वसीय अम्‍ल एंव गिल्‍सरॉल’ में टूटता हैं ।

पाचन तंत्र सार्वभोमिक प्रक्रिया है , जो सभी स्‍तर के जीवों में पाया जाता हैं । अपवाद – वर्ग सिस्‍टोडा के जीव में नही पाया जाता हैं ।

(3) आहार नाल ( Alimentary Canal ) – 

आहार नाल को पोषण नाल भी कहते हैं , एंव इसकी लम्‍बाई 1 से 3 मीटर तक होती है (NCERT) आहार नाल की दीवारोंं में क्रमानुकुंचन (Peristalsis) पाया जाता हैं , एंव इसके माध्‍यम से भोजन आमाशय में पहुँचता हैं , आहर नाल कहलाता हैं ।और इसे ही हम Digestive system in Hindi भी कहते हैं आहार नाल के प्रमुख निम्‍नलिखित भाग हैं –

(i) मुख

(ii) ग्रसनी

(iii) ग्रासनली

(iv) आमाशय

(v) छोटी आंंत

(vi) बडी आंत

(vii) मल द्वार ।

(4) मुख (Mouth) –

हमारे मुहुँ में लार ग्रंथी( Salivary gland ), जीभ ( Tongue ) और दॉंत ( Teeth )  पाऐ जाते हैं ,जो कि भोजन को छोटे – छोटे टुकडो में  एंव भोजन को लुग्‍दी के आकार में बदलकर आमाशय की और पहुँचा देते हैं , यह मुख कहलाता हैं । और यह मानव पाचन तंत्र Digestive system in Hindi  का शुरुआती भाग माना जाता है ।

(5) लार ग्रन्थि (Salivary gland) – मानव के लार ग्रन्थियों में एमायलेज टायलिन माल्‍टोस पाया जाता हैं और वि‍भिन्‍न पचित भोजन रस व अवशिष्‍ट की गति को नियंत्रित करती हैं । लार का  PH मान  6.8 आंशिक अम्‍लीय होता हैं।

(6) मुख गुहा ( Buccal cavity)- मुख गुहा आहारनाल का अग्र द्वार होता हैंं । जो कि होठो द्वारा रक्षित होता है हमारा मुख मुखगुहा में खुलता हैं । मनुष्‍य के मुख में कुछ मांसपेशियॉं पाई जााती हैं जो कि निम्‍नलिखत हैं –

(i) मेसेटर मॉंसपेशाी (Massator muscles ) – यह मॉंसपेशी निचले जबडे को उपर उठाने का काम करती हैं , और यह सबसे मजबूत मॉंसपेशी होती हैं। (ii) टेरीगोइड मॉंसपेशी ( Pterygoid muscles ) – यह मॉंसपेशी उपरे जबडे को नीचे ले जाने का कार्य करती हैं ।

(iii) वक्‍सीनेटर मांसपेशी (Buccintor muscles ) – यह मॉंसपेशी चेहरे की आकृति हाव – भाव बताती हैं , जेसे कि आप हँसते हे और रोते है तो उस समय उसके जैसी आपके चेहरे की आकृति बनाती हैं।

Note मनुष्‍य के शरीर में ‘639 ‘ में मॉंसपेशियॉं पाई जात(7) दॉंत (Teeth) – 

मनुष्‍य के मुख में चार प्रकार दॉंत पाये जाते हैं –

1.  कृन्‍तक (Incisors)

2. रदनक (Canines)

3. अग्र चर्वणक (Premolars)

4. चर्वणक  (Molars)

  • कृन्‍तक ( Incisors )- यह दांत मनुष्‍य के मुख में नाक के नीचे व ठीक सामने वाले दांत होते हैं,जो कि काटने एंव कुतरने  का काम करते हैं एंव इन्‍हैं Nose Teeth भी कहते हैं । इनकी संख्‍या 8 कुल हाती हैं जिसके उपरी में 4और निचले जबडे में 4 होते हैं । यह दांत (लगभग 6 माह ) की आयु में आ जाते हैं ।
  • रदनक ( Canines) – यह दांत मानव के मुख में कृन्‍तक के बगल में एंव आंख के ठीक नीचे होते हैं , इनका कार्य चीरने फाडने का होता हैं । इन्‍हें Tearing teeth OR Eye teeth  भी कहते हैं। और इन्‍हें खूंटा दांत भी कहते हैं ।  इनकी कुल संख्‍या 4 होती हैं । जो कि 2 उपरी जबडे में एंव 2 निचले जबडे में होते हैं । यह दांत (लगभग 16 से 20 महीने ) की आयु में आ जाते हैं।
  • अग्र चर्वणक ( Premolars ) – यह दांत रदनक के बगल वाले दांत होते हैं , ये दांत भोजन को चबाने का कार्य करते हैं इससे हमारा ( Digestive system ) सही एंव ठीक से कार्य करता हैं, अग्र चर्वणक दांत 10 से 11 वर्ष की उम्र में आते हैं। इनकी कुल संख्‍या 8 होती हैं , जो कि उपरी भाग में 4 और 4 निचले भाग में होते हैं ।यह दांत (लगभग 10 से 11 वर्ष ) की उम्र में आते हैं।
  • चवर्णक (Molars) – यह दांत सबसे अंतिम वाले दांत हाेते हैं, यह भी भोजन को चबाने का कार्य करते हैं प्रत्‍येक जबडे में इन दांतों की कुल संख्‍या 12 होती हैं जो कि 6 दांत निचले भाग में और 6 दांत उपर वाले भाग में होते हैं ओर इनका आकार चोडा एंव धारदार होता हैं। यह सभी भाग भी हमारे मानव पाचन तंत्र के Digestive system in Hindi अंतर्गत आते हैं ।

Note – (1)मनुष्‍य की अक्‍ल दाड को अंग्रजी में (Wisdom teeth) कहते हैं एंव इसे अंतिम चवर्णक दॉंत ( Last molor teeth ) भी कहते हैं ।

(2) ऐसे दॉंत जो पूरे जीवन काल में एक ही बार आते है स्‍थाई  दॉंत कहलाते है , इनकी संख्‍या 12 होती हैं।

(3) ऐसे दॉंत पूरे जीवन काल में दो बार आते हैं , दूध के दॉंत कहलाते हैं , इनकी संख्‍या 20 होती हैं।

दंत सूत्र (Dental formula) – यह सूत्र दांतो की व्‍यवस्‍था एंव दांतो के क्रम को बताता हैं –

 

इनेमल ( Enamel) यह दांत का सबसे उपरी एंव कठोरतम भाग होता हैं , जिसमें कै‍ल्सियम फास्‍फेट – 97%और कैल्सियम फ्लोराइड -3% तक होता हैं ।

(8) ग्रसनी ( Pharynx ) –

यह एक स्विच या ढक्‍कन होता है, ग्रसनी वायु और भोजन दोनो का ही मार्ग हाेती हैं  जब मनुष्‍य भोजन निगलता है, तब एपीग्‍लॉटिस ढक्‍कन बन्‍द हो जाता हैं क्‍योंकि भोजन कहीं स्‍वांस नली में ना चला जाए और जब हम स्‍वांस लेते हे तब यह ढक्‍कन खुुल जाता हैं। ग्रसनी कहलाती हें। इसे तीन भागों में बांटा गया हैं –

(i) नासाग्रसनी

(ii) मुख ग्रसनी

(iii) कंठ ग्रसनी

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(9) ग्रासनली ( Esophagus ) – यह एक लंम्‍बाई के आकार की एंव खोखली पेशीय नलिका होती हैं, जाे कि लगभग 25 सेन्‍टी मीटर तक होती है जो कि ह्रदय के पीछे से होते हुए डायफ्राम से गुजरती हुई आमाशय के उपरी हिस्‍से में आकर मिलती हैं ग्रासनली कहलाती हैं ।

(10) आमाशय ( Stomach ) –

यह उदर गुहा के बांयी तरफ स्थित होता हैं । जो कि एक थेलेनुमा एंव  J के आकार के समान संरचना के जेसा होता हैं , एंव इसका आकार लगभग 1 से3  लीटर तक भोजन आहार को धारण करने की क्षमता रखता हैं ।एंव आमाशय में विभिन्‍न एंजाइम एंव कोशिकाऐ पाई जाती हैं , आमाशय के तीन भाग होते हैं और यह हमारे पाचन तंत्र Digestive system in Hindi  का दूसरे नंबर का भाग भी माना जाता है –

(1) कार्डियक ( Cardiac )

(2) फण्‍डस ( Fundic )

(3) पाइलोरस ( Pyloric )

  • कार्डिक : आमाशय का यह भाग अन्‍नप्रणाली के सबसे करीब हैं ।
  • फंडस : कार्डिक के बगल में आमाशय का उपरी हिस्‍सा होता हैं।
  • पाइलोरस : आमाशय का यह भाग शरीर के बाद का एक बाल्‍व हैं जो पाचन के दोरान खुलता और बन्‍द होता हैं ।

आमाशय में पाऐ जाने वाले एन्‍जाइम ( Stomach Enzyme ) – आमाशय में मुख्‍यत: निम्‍नलिखत तीन एन्‍जाइम पाए जाााते है-

(i) रेनिन एन्‍जाइम( Renin Enzyme )

(ii) पेप्सिन एन्‍जाइम( Pepsin Enzyme )

(iii) लाइपेज एन्‍जाइम ( Lipase Enzyme )

(i) रेनिन एन्‍जाइम( Renin Enzyme )- यह केसीन ( दूध का प्रोटीन ) का पाचन रेनिन एन्‍जाइम करता हैं , और यह 1.8 Ph मान पर आमाशय में दूध को के‍ल्सियम पैराकेसीनेट में तोड देता हैं रेनिन एन्‍जाइम कहलाता हैं ।

(ii) पेप्सिन एन्‍जाइम( Pepsin Enzyme )- यह एन्‍जाइम कैल्सियम पैराकेसीनेट को 1.8 Ph मान पर पॉलीपेप्‍टाइड और पेप्‍टोन्‍स में तोड देते हैं , यह लम्‍बी – लम्‍बी श्रखला में तोड देते हैं पेप्सिन एन्‍जाइम कहलाता हैं ।

(iii) लाइपेज एन्‍जाइम ( Lipase Enzyme )- यह एन्‍जाइम वसा एंव घी को और चिकने पदार्थों को वसीय एंव गिल्‍सरॉल अम्‍ल में 1.8 Ph मान पर लम्‍बी – लम्‍बी श्रखला में तोड देते हैं । लाइपेज एन्‍जाइम कहलाता हैं। इन सभी एंजाइमों के द्वारा मानव पाचन तंत्र Digestive system in Hindi  सही से कार्य करता है ।

आमाशय में पाऐ जाने वाली कोशिकाऐं ( Stomach Cells ) – आमाशय में मुख्‍यत: निम्‍नलिखत चार कोशिकाऐं ई जाती है-

(1) गोवलेट कोशिकाऐं ( Goblet Cells )

(2) पेप्टिक कोशिकाऐं ( Peptic Cells )

(3) एन्‍टेरोक्रोमेफिन कोशिकाऐं ( Enterochromalffin Cells )

(4) आक्‍सेन्टिक कोशिकाऐं ( Oxyntic Cells )

(1) गोवलेट कोशिकाऐं ( Goblet Cells ) – यह कोशिकाऐं आमाशय में म्‍यूकस श्‍लेष्‍मा चिपचिपा पदार्थ निकालती हैं और भोजन की गति को घर्षण रहित बनाती हैं ।

(2) पेप्टिक कोशिकाऐं ( Peptic Cells ) – यह कोशिकाऐं आमाशय में सर्वाधिक संख्‍या में पाई जाती हैं , एंव इन्‍हें मुख्‍य अथिति ( Chief cell ) कोशिकाऐं भी कहा जाता हैं , यह कोशिकाऐं प्रोरेनिन ( Prorenin ) और पेप्सिनोजिन ( Pepsinogen ) यह दोनों एन्‍जाइम निकालती है यह एन्‍जाइम बच्‍चों एंव गाय के बछडे में भी निकलते हैं एंव यह एन्‍जाइम भोजन को पाचन ( Digestive system in Hindi ) करने में बहुत अधिक आवश्‍यक होते है इन्‍हें हम पेप्टिक कोशिकाऐं कहते हैं ।

(3) एन्‍टेरोक्रोमेफिन कोशिकाऐं ( Enterochromalffin Cells ) – इन कोशिकाओं से प्राटीन निकलता हैं जो कि हिस्‍टामिन ( Histamin Protein ) नाम का प्रोटीन होता हैं यह प्रोटीन एलर्जी के समय बड जाता हैं एन्‍टेरोक्रोमेफिन कोशिकाऐं ( Enterochromalffin Cells ) कहलाती हैं ।

(4) आक्‍सेन्टिक कोशिकाऐं ( Oxyntic Cells ) – इन कोशिकाओं से HCL नामक हाइड्रोक्‍लोरिक अम्‍ल निकलता हैं, इसका Ph मान 1.8  होता हैं आक्‍सेन्टिक कोशिकाऐं ( Oxyntic Cells )  कहलाती हैं ।

अत : आमाशय में जो कोशिकाऐं पाई जाती हैं एंव उनसे निकलने वाले एन्‍जाइम और भी आदि एन्‍जाइम होते है, इन सभी की सहायता से ही मनुष्‍य के शरीर में भेाजन का पाचन ( Human Digestive system in hindi )  अच्‍छी तरह से हो पाता हैं।

(11) पित्‍ताशय ( Gall Bladder ) – पित्‍ताशय मनुष्‍य के शरीर में एक नाशपाती के आकार का अंग होता हैं जो मानव के यकृत के दाहिने वाले भाग के नीचे स्थित होता हैं , पित्‍त रस का निर्माण (Liver) यकृत में होता हैं और पित्‍तरस को संग्रह ( इकठ्ठा ) पित्‍ताशय करता हैं , पित्‍ताशय का मुख्‍य कार्य यकृत द्वारा उत्‍पादित हुआ पाचक रस ( जिसे पित्‍तरस ) कहा जाता हैं एंव इसको इकठ्ठा करना है और भेाजन के पश्‍चात पित्‍ताशय से स्‍त्रावित पित्‍त रस पाचन में सहायक होता हैं एंव इसका मान आंशिक क्षारीय होता हैं । वसा का पायसीकरण होता हैं जो कि पित्‍ताशय से निकला पित्‍त रस करता हैं एंव  पित्‍त रस वसा को वसीय अम्‍ल एंव गिल्‍सरॉल तोड देता हैं पित्‍त रस कहलाता हैं। यह भी हमारे पाचन तंत्र Digestive system in Hindi  से आवश्यक भोज्य पदार्थों को ग्रहण करता है ।

 

(12) अग्‍नाशय ( Pancreas ) – अग्‍नाशय मनुष्‍य के पेट के पीछे एंव रीड के सामने स्थित एक अंग होता हैं , मनुष्‍य का पित्‍ताशय , यकृत और प्‍लीहा अग्‍नाशय को घेर लेते हैं । अग्‍नाशय हमारे शरीर में एन्‍जाइम बनाता हैं जो हमारे भोजन को पचाने ( Digestive system in Hindi )  में मदद करते हैं अग्‍नाशय हार्मोन भी बनाता हैं , जो हमारे ब्‍लड शुगर के स्‍तर को कन्‍ट्रोल नियंत्रित करता हैं ,यह शरीर की दूसरी सबसे बडी ग्रंथी होती हैं । अग्‍नाशय का वजन लगभग 30 ग्राम का होता हैं , अग्‍नाशय को स्‍वीट ब्रेड भी कहते हैं । इससे अग्‍नाशयी रस निकलता हैं इसका मान 8.0 क्षारीय माध्‍यम में होता हैं ।

(13) यकृत ( Liver ) – लिवर (Liver ) मानव शरीर का महत्‍वपूर्ण अंग होता हैं , जिसे हिन्‍दी में ‘ यकृत ‘ कहते हैं  , यकृत (Liver) मनुष्‍य के शरीर में पेट के उपरी भाग के दाहिने हिस्‍से में डायफ्राम के नीचे स्थित होता हैं । एंव यकृत (Liver) पेट में दाहिनी किडनी और छोटी आंत के उपरी भाग में स्थित होता हैं। लिवर का आकार शंकु के आकार के जेसा होता हैं यकृत (Liver) का रंग लाल एंव हल्‍के भूरे रंग का होता हैं एंव इसका वजन 1300 से 1500 कि.ग्रा. तक होता है यह मानव शरीर में पित्‍त रस बनाने का काम करता हैं। यकृत (Liver)से पित्‍त रस जाकर पित्‍त की थेली में जाता हैं ,जो कि शरीर को आगे काम आता हैं। यकृत (Liver) मनुष्‍य के शरीर का सबसे बडा अंग होता है एंव यकृत (Liver) मानव शरीर में लगभग से अधिक कार्यो को सम्‍पन्‍न करवाता हैं , जिसमे हमारे द्वारा खाऐ गऐ भोजन से लेकर पित्‍त बनाना ,पोषक तत्‍वों एंव विटामिन्‍सों आदि को सेग्रहीत करने और शरीर को संक्रमण जैसी बीमारियों से बचाने के आदि कार्य शामिल हैं। यह मनुष्य के भोजन का पाचन Digestive system in Hindi का मुख्य भाग माना जाता है ।

(14) छोटी आंत ( Smsll intestine ) – छोटी आंत मानव पाचन तंत्र का महत्‍वपूर्ण भाग हैं।इसे क्षुद्रांत्र आंत भी कहते है ,जो कि आमाशय से लेकर बडी आंत तक आकर पूर्ण हाेती है, छोटी आंत मे ही भोजन का सबसे अधिक पाचन ( Digestive system in Hindi ) एंव अवशोषण होता हैं। छोटी आंत की ओशतन लगभग लम्‍बाई एक वयस्‍क बडे व्‍यक्ति में 6.9 मीटर ( 22 फीट 6 इंच ) और एक वयस्‍क स्‍त्री में लगभग इसकी लम्‍बाई 7.1 मीटर ( 23 फीट 4 इंच ) होती हैं। और इसकी न्‍यूनतम लम्‍बाई 4.6 मीटर ( 15 फीट) और अधिकतम इसकी लम्‍बाई  9.8 मीटर ( 32 फीट ) तक हो सकती है , और इसका लगभग व्‍यास 2 से 3.5 सेन्‍टीमीटर होता हैंं। मनुष्‍य की आंते पेट से गुदा तक चलने वाली लम्‍बी नलियॉं के समान होती हैं ,हम जो भोजन ग्रहण करते है उसमें से हमारी छोटी आंत पोषक तत्‍वों , खनिज लवण , प्रोटीन ,वसा और विटामिन्‍स , पानी आदि को अवशोषित करती हैं। और हमारे शरीर में विभिन्‍न जगह पर इनकी एंव उर्जा की जरूरत होती है वहॉं की तरफ भेज देती हैं। छोटी आत से Digestive system in Hindi मैं से सभी पोषक तत्व ग्रहण कर लिए जाते हैं एवं अपशिष्ट पदार्थों को आगे भेज दिया जाता है । छोटी आंत कहलाती हैं।

छोटी आंत के भाग – छोटी आंत के निम्‍नलिखित तीन भाग होते है –

(1) ग्रहणी ( Duodenum )

(2) मध्‍यांत्र ( Jejunum )

(3) शेषान्‍त्र  ( ileum )

(1) ग्रहणी ( Duodenum )- छोटी आंत के इस भााग को अंग्रजी में डुओडेनम कहते हैं। और यह ( क्षुद्रांत्र आंत ) छोटी आंत का पहला भाग होता है , और यह ‘ सी ‘ आकार के जैसा भाग एंव खण्‍ड होता हैं। जिसमें आधा पचा हुआ भोजन यहॉं से गुजरता है और यह पाइलोरिक स्फिंक्‍टर मांसपेशीय के द्वारा ग्रहणी में पहुँचता हैं डुओडेनम का पहला भाग बहुत चिकना होता हैं , जेसे ही इससे भाेजन गुजरता है तो यह छोटी आंत मुडना प्रारंभ कर देती हैं और भोजन को पचाने में मदद करती है ,और यहॉं पर यह पित्‍ताशय की थेली एंव यकृत लिवर से स्‍त्रावित पित्‍त रस का उपयोग भोजन को पचाने में करती हैं । छोटी आंत का यह भाग भोजन से आयरन का संग्रह करती है । और इसकी लम्‍बाई 25 सेन्‍टीमीटर होती हैं, यह डुओडेनम या ग्रहणी कहलाता हैं।

(2) मध्‍यांत्र ( Jejunum ) – ग्रहणी के बाद वाला भाग जेजुनम या मध्‍यांत्र कहलाता हैं यह भााग छोटी आंत का बीच वाला भाग होता है , यह पेट के बाऐं उपरी हिस्‍से में होता है यह हमारे भोजन से शर्करा खनिज लवण , अमीनो एसिड फैट वाले एसिड को अवशोषित करता हैं । इसकी लम्‍बाई लगभग 2.5 मीटर लम्‍बी होती है छोटी आंत के इस भाग में प्लिकाई सरकुलरीज एंव विलाई नामक संरचनाऐं होती है , जो हमारी आंत में क्षेत्रफल काे बडाती  है जिससे हमारे शरीर में भोजन का पाचन अच्‍छी तरह से हो पाए और यहॉं से सारे मिनरल्‍स अवशोषित करके रक्‍त में भेज देती हैं । और बांकी शेष बचे भोजन को तीसरे और अंतिम भाग की और भेज देती हैं। मध्‍यांत्र या जजुनम कहलाती हैं।

(3) शेषान्‍त्र  ( ileum ) – इलियम छोटी आंत का सबसे अंतिम और सबसे लम्‍बा भाग होता है , इसी भाग में सबसे ज्‍यादा खाध्‍दय पदार्थ , मिनरल्‍स अवशोषित होता हैं यह पेट के दाहिने भाग में स्थित होता है यह खंड ही विटामिन B12 और पित्‍त रस को अवशोषित करता है इलियम की लम्‍बाई 3.5 मीटर ( 11.5 फीट ) लम्‍बा होता है इलियम की दीवारें बहुत चिकनी पेशीय आंतो के भागो की दीवारों  की तुलना में पतली होती हे और उनमें क्रमानुकुंचन ओर संकुचन धीमे – धीमे होता है और भोजन का पाचन ( digestive system ) पूरी तरह से इसमें हो जाता हैं। और शेष बचे मटेरियल को बडी आंत में भेज या स्‍थानांतरण कर देती हैं। यह पाचन तंत्र Digestive system in Hindi की छोटी आंत के मुख्य 3 भाग होते हैं ।

(15) बडी आंत ( Large intestine ) – 

यह मनुष्‍य के शरीर में कमर के नीचे एंव पेट के निचले हिस्‍से में होती हैं , यह आकार में बहुत बडी हाेती है एंव इसकी कुल लम्‍बाई 1.3 मीटर से  1.5 मीटर तक हाती हैं। इस आंत का मुख्‍य कार्य जल एंव कुछ खनिज लवणों को अवशोषित करना होता है बडी आंत का आकार एक थेली नुमा जेसा होता हैं। बडी आंत कं भी तीन भाग होते है एंव बडी आंत का अंतिम भाग मलाशय कहलाता है जहॉं गुदा द्वार के द्वारा मल बाहर निकाला जाता है । बडी आंत में एक बैक्‍टीरिया पाया जाता है जिसका नाम E . Coli हाेता हैं । जो विटामिन B 12 ओर विटामिन K का संश्‍लेषण करता हैं । और शरीर में इसको रहने की जगह देता हैं । बडी आंत में ई . कोलाई बैक्‍टीरिया सहजीवी ढंग से निवास करता हैं । और बडी आंत के अंतिम भाग में वर्मी फोर्म अपेन्डिक्‍स भी जुडी होती हैं । इसे बडी आंत कहते हैं । इसके तीन भाग होते हैं ।

(1) उण्‍डुक या सीकम ( Caecum )

(2) बृहदान्‍त्र या कोलन ( Colon )

(3) मलाशय ( Rectum )

(1) उण्‍डुक या सीकम ( Caecum ) – यह बडी आंत का पहला शुरूआती भाग होता हैं , जो उण्‍डकीय कपाट के नीचे की और स्थित होता है । एंव इसकी लम्‍बाई 6 सेन्‍टी मीटर लम्‍बी थेलीनुमा आकार की होती हैं । इसका एक बन्‍द छोर 9 सेन्‍टी मीटर लम्‍बी एक कठोर दीवार का बना होता है , जिसे उण्‍डुकपुच्‍छ कहते हैं । छोटी आंत के सीकम वाले भाग की दीवार में श्र्लेष्मिका के भीतर लसिका ग्रथियॉं होती हैं । एंव इसकी दीवार में कुछ लसिका गाठें भी पाई जाती हैं , जिनके अन्‍दर लिम्‍फोसाइट्स नाम के श्र्वेत रूधिराणु भी बनते हैं । फिर भी यह हमारी आहारनाल का एक निष्‍क्रीय अवशेषी भाग होता हैं । यह जीवाणुओं के संक्रमण के लिए बहुत संवेदी होता हैं इसकी गुहा बहुत अधिक सकरी होती हैं । इसे सीकम कहलाता हैं ।

(2) बृहदान्‍त्र या कोलन ( Colon ) – यह बडी आंत का दूसरा एंंव मध्‍य का भाग होता है , यह लगभग 1.3 मीटर लम्‍बी नाल होती हैं । यह कुण्‍डलित नहीं होती है बल्कि इसका आकार एक उल्‍टे U चूल्‍हे की आकृति के समान बनी होती हैं । इसका दीवारों में छोटी – छोटी थेलियों के रूप में फूली होती हैं जिससे इसकी गुहा का क्षेत्रफल बहुत बड जाता हैं । एंव इन थैलियों को हॉस्‍ट्रा कहतें हैं तथा ये थेलियॉं दीवार की अनुलम्‍ब पेशियें द्वारा बने मांसल रज्‍जुओं से इधर – उधर होती हैं । जिन्‍हें टीना कोलाई कहते हैं । एंव इस पूरे भाग को बृहदान्‍त्र या कोलन कहते हैं ।

(3) मलाशय ( Rectum ) – यह बडी आंत का तीसरा एंव अंतिम भाग होता हैं , यह लगभग 12 से 14 सेन्‍टी मीटर लम्‍बी नाल के समान होती हैं । एंव इसके अंतिम भाग को गुद नाल कहते है । यह गुदा द्वार बाहर खुलती है जो दो गुद संकोचक पेशियां गुदा पर नियंत्रण करती हैं । एंव इसके भीतर अनेच्छिक  हाेती है और बाहर की और ऐच्छिक हाेती है जहॉं से मल निकलता हैं उसे मल द्वार कहते हैं एंव इसे गुद स्‍तम्‍भ भी कहते हैं । जब कभी मनुष्‍य के गुद स्‍तम्‍भ फूल जाते हे तो उसे ही हम बवासीर ( Piles ) रोग कहते हैं । लैकिन जब कभी गुद स्‍तम्‍भ शिराऐं फूलकर फट जाती हैं तो उसे ही हम खूनी बवासीर ( Blood Piles ) रोग कहते हैं । मलाशय मल को संग्रहित करता है जब इसका दाब 40 mm | hg मरकरी के पारे 40 मिली लीटर दासब के बराबर हो जाता है तब मनुष्‍य को मल त्‍याग ( Stool pasout ) करने की इच्‍छा होती हैं जिसे गुदा द्वार के माध्‍यम से बाहर कर दिया जाता हैं । इसे ही हम गुदा द्वार एंव मल द्वार कहते हैं ।

पाचन में कुछ सहायक ग्रंथियॉं ( Digestive glands ) – मनुष्‍य के पाचन में निम्‍नलिखित ग्रथियाँँ पाई जाती हैं –

  • लार ग्रंथि – यह ग्रंथि मनुष्‍य के मुहुँ में पाई जाती हैं जो कि लार उत्‍पन्‍न करती हैं । लार एक तरल चिपचिपा पदार्थ का मिश्रण होती हैं , तथा यह भोजन को गीला करती हैं ।मनुष्‍य की लार में उपस्थित स्‍टार्च का पाचन होता हैं एंव लार के द्वारा हमारे भोजन को चिकना घुलनशील बनाती है और हमारे मुख में दांतों ओर जीभ की सफाई का काम लार करती हैं । लार ग्रन्थि 3 प्रकार की होती है –

(1) कर्ण पूर्व ग्रंन्थि – कर्ण पूर्व ग्रंथि एक तरल पदार्थ सीरम का स्‍त्राव करती हैं । एंव यह ग्रंथि हमारे शरीर में मंहूँ के भीतर गालों में पाई जाती हैं ।

(2) अधोजंभ लार ग्रंथि –   यह ग्रंथि सभी ग्रंथियों का मिश्रण है एंव इसे मिश्रण ग्रंथि भी कहते हैं । जिसमें तरल पदार्थ स्त्रिवित होता हैं । अधोजंभ लार ग्रंथि कहलाती हैं ।

(3) अधोजिह्वा ग्रंथि – यह ग्रंथि हमारे मुख में जीभ ( जिह्वा ) के नीचे पाई जाती हैंं। यह श्र्लेष्मिक स्रावण करती हैं।

 

हमारे शरीर में भोजन का पाचन कैसे होता हैं  ( Digestive system in Hindi ) – हमारे भोजन के पाचन की क्रिया हमारे शरीर में कई रासायनिक एंव यांत्रिक क्रियाओं द्वारा सम्‍पन्‍न हाती हैं । हमारे मुख एंव आहार नाल के अन्‍दर कई अंगो के बीच में कई  ग्रंथियॉं एंव एन्‍जाइम पाए जाते हैं । जो हमारे भोजन में पाए जाने वाले विभिन्‍न पोषक तत्‍व एंव जल का अपघटन सरल रूप से करते हैं । ये एन्‍जाइम हाइड्रोलेसेज वर्ग के है , पाचन में पाऐ जाने वाले प्रमुख एन्‍जाइम निम्‍नलिखित हैं –

पेप्सिन एन्‍जाइम –यह प्रोटीन और पेप्टिडेस प्रोटीन को छोटे -छोटे पेप्‍टाइड्स अमीनों अम्‍ल में विभाजित करते हैं । एमाइलेज स्‍टार्च एंव शर्करा जैसे कार्बोहाइड्रेट को ग्‍लूकोज जैसी शर्करा में विभाजित करता हैं और न्‍यूकिलियस न्‍यूक्लिक अम्‍ल को न्‍यूक्लियोटाइड में विभाजित करतें हैं । इसे पेप्सिन एन्‍जाइम कहते हैं ।

रेनिन एन्‍जाइम – यह एक पाचक एन्‍जाइम है ,और यह एक रेनिन प्रोटीयोलाइटिक एंजाइम है एंव यह शिशुओं के गैस्ट्रिक जूस में पाया जाता हैं । जो हमारे दूध एंव प्रोटीन को पचाने में सहायता करता हैं । इस एन्‍जाइम को काइमोसिन एन्‍जाइम के नाम से भी जानते हैं यह एन्‍जाइम दूध में कैसिइन प्रोटीन को पचाता हैं । इस एन्‍जाइम का स्रा्व आमाशय से उपस्थित एक ग्रंथि से होता हैं , यह एन्‍जाइम बच्‍चे के जन्‍म से लेकर तीन साल तक स्रावित होता रहता हैं । और उसी समय बच्‍चा मॉं का दूध ज्‍यादा पीता हैं एंव दुग्‍ध पान ज्‍यादा करता है इसलिए यह दूध को पचाने में सहायक होता हैं । इस एन्‍जाइम को एंजियोटेंसिनोजेनेस के नाम से भी जाना जाता हैं , इसे हम रेनिन एन्‍जाइम कहते हैं ।

मानव शरीर पाचन ( digestive system ) के दो प्रकार होते है – मानव शरीर में पहला पाचन मैकेनिकल रूप से होता है और दूसरा पाचन कैमिकल रूप से होता हैं । मैकेनिकल पाचन जब होता है तब हम भोजन को अपने दांतों के द्वारा तोडकर एंव अच्‍छी तरह से चबाकर खातें है । जब हमारे दांतों से भोजन महीन पिसकर पेट में चला जाता हैं फिर इसके बाद हमारे पेट में कैमिकल रियेक्‍सन प्रोसेस होती हैं । और मनुष्‍य के पेट में पाए जाने वाले एन्‍जाइमों का स्रावण होता हैं । और इस पगकार से हमारे भोजन का पाचन होता हैं । और यह क्रिया मनुष्‍य के शरीर में चलती रहती हैं । और बांकी बचे अपशिष्‍ट ( खराब पदार्थ ) को बडी ओत में पहुॅंचाकर  मल द्वार द्वारा बाहर निकाल दिया जाता हैं । इस पूरे पाचन तंत्र को लिख भी सकते एंव digestive system in hindi pdf भी बना सकतं हैं । एंव इसको अंग्रजी में भी गूगल ट्रांसलेट से digestive system in hindi and english में भी बना सकते हैं ।

मेने शुरू से लेकर अंत तक मानव पाचन तंत्र Human digestive system एंव इससे सम्‍बंधित चीजों के बारे में बताया है एंव मेरा कहना हैै कि  इससे सम्‍बंधित कुछ प्रश्‍न आज की इस क्‍लास में करवाने वाला हूँ जिससे कि आपको आइडिया लग जाऐगा कि इस प्रकार प्रश्‍न पूछे जाते है एंव मैं उनको में नीचे कराने वाला हूँ  अगर मुझसे कोई गलती हो जाए तो कमेंन्‍ट करके जरूर बताऐं और इस क्‍लास को आगे शेयर करें जो कोई NEET एंव Other competition Exam की तैयारी या कक्षा 10वीं या 12वीं में हो और  इससे आप अपने लिए नोट्स पाचन तंत्र नोट्स इन हिंदी भी बना सकते हैं  हमें फौलो भी करें –

सरकारी परीक्षाओं बार -बार पूछे जाने वाले महत्‍वपूर्ण प्रश्‍न Read now

1. मनुष्‍य में भोजन का पाचन किससे प्रारंभ होता है ? 

(a) पेट

(b) ऑंत

(c) मुहुँ

(d) यकृत ( लिवर)

उत्‍तर – C मुहुँ

2. मानव शरीर में पाचन का अधिकांश भाग किस अंग में सम्‍पन्‍न होता हैं ?  

(a) आमाशय

(b) अग्‍नाशय

(c) बडी आंत

(d) छोटी आंत

उत्‍तर – D  छोटी आंत

3. मानव शरीर मेंं पित्‍त कहॉं से स्रावित होता हैंं ? 

(a) यकृत ( लिवर) से

(b) पित्‍ताशय से

(c) पाचक ग्रंथियों से

(d) छोटी आंत से

उत्‍तर – A यकृत ( लिवर ) से

4. निम्‍नलिखित में से पित्‍त का संचय किसमें होता हैं ?

(a) अग्‍नाशय

(b) पित्‍ताशय

(c) प्‍लीहा

(d) यकृत

उत्‍तर -B  पित्‍ताशय

5. मानव शरीर में पाई जाने वाली सबसे बडी ग्रंथि  या अंग कोनसा  हैं ?

(a) थाराॅइड

(b) पीयूष

(c) यकृत

(d) अग्‍नाशय

उत्‍तर – C यकृत

(6) पेप्सिन किसको किसमें बदल देता हैं ? 

(a) वसा को वसा अम्‍ल में

(b) स्‍टार्च को शक्‍कर में

(c) प्रोटीन को अमीनो अम्‍ल में

(d) प्रोटीन को पोलीपेप्‍टाइड में

उत्‍तर – D  प्रोटीन को पोलीपेप्‍टाइड में

(7) ग्रसिका नली का दूसरा नाम क्‍या हैं ?

(a) आहार नली

(b) श्‍वास नली

(c) डिम्‍बवाहिनी नली

(d) कंठ नली

उत्‍तर – A  आहार नली

(8) निम्‍नलिखित में से किसका पाचन हमारे आमाशय से प्रारंम्‍भ होता हैं ?

(a) शर्करा का

(b) प्रोटीन का

(c) वसा का

(d) मांड का

उत्‍तर – B प्रोटीन का

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(9) मानव शरीर में स्‍टार्च को जल में अपघटन करके ग्‍लूकाेज में परिवर्तित करने वाला कौनसा एन्‍जाइम हैं ?

(a) इन्‍वर्टेज

(b) डीहाइड्रोजीनेज

(c) एमाइलेज

(d)  एनहाइड्रेज

उत्‍तर – C एमाइलेज

(10) मानव शरीर में ट्रिप्सिन एन्‍जाइम कहॉं से स्रावित होता हैं ? 

(a) अग्‍नाशय से

(b) आमाशय से

(c) यकृत से

(d) ड्यूडेनम से

उत्‍तर – A अग्‍नाशय से

(11) मनुष्‍य के शरीर में टाइलिन एन्‍जाइम का स्रावण करती हैं ? 

(a) पाचक ग्रंथि

(b) जठर ग्रंथि

(c) लार ग्रंथि

(d) इनमें से कोई नहीं

उत्‍तर – C  लार ग्रंथि

(12) मानव शरीर में पित्‍त द्वारा वसा का पायसीकरण कहॉं होता हैं ? 

(a) यकृत में

(b) ग्रहणी में

(c) आमाशय में

(d) ये सभी में

उत्‍तर – B ग्रहणी में

(13) मनुष्‍य को स्‍वादिष्‍ट भोजन देखकर मुहुँ में पानी आना किस प्रतिक्रिया का उदाहरण हैं ? 

(a) सूघंने संम्‍बधी प्रतिक्रिया

(b) हार्मोन संम्‍बधी प्रतिक्रिया

(c) स्‍नायु संम्‍बधी प्रतिक्रिया

(d) दृष्टि संम्‍बधी प्रतिक्रिया

उत्‍तर – C स्‍नायु संम्‍बधी प्रतिक्रिया

(14) मानव शरीर में प्रोटीन , कार्बोहाइड्रेट्स और वसा ( पूर्ण ) पूरी तरह से पाचन कहॉं पर होता हैं ? 

(a) आमाशय में

(b) छोटी आंत में

(c) बडी आंत में

(d) ये सभी में

उत्‍तर -C  छोटी आंत में

(15) हमारे शरीर में रक्‍त स्‍कंदन के लिए आवश्‍यक विटामिन कोन सी हैं ? 

(a) D

(b) K

(c) E

(d) C

उत्‍तर – (d) C

(16)  निम्‍न में से मानव शरीर में कौन पाचन तंत्र का हिस्‍सा नहीं हैं ? 

(a) आमाशय

(b) मुँह

(c) हृदय

(d) इनमें से कोई नहीं

उत्‍तर -C  हृदय

(17) मनुष्‍य की पाचन नली लगभग कितने फीट लम्‍बी होती हैं ? 

(a) 18

(b) 25

(c) 22

(d) 32

उत्‍तर – D  32

(18) दूध को दही में स्‍कंदित करने वाला काैैन सा एन्‍जाइम हैं  ? 

(a) पेप्सिन एन्‍जाइम

(b) रेनिन एन्‍जाइम

(c) सिट्रेट एन्‍जाइम

(d) ये सभी एन्‍जाइम

उत्‍तर – B रेनिन एन्‍जाइम

(19) मानव में कृन्‍तक (Incisors) दांतों की संख्‍या कितनी होती हैं ? 

(a) 4

(b) 12

(c) 8

(d) इनमें से कोई नहीं

उत्‍तर – C 8

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(20) मानव में  रदनक (Canines) दांतों की संख्‍या कितनी होती हैं ? 

(a) 4

(b) 6

(c) 8

(d) 12

उत्‍तर –  A 4

(21) मानव में अग्र चर्वणक (Premolars) दांतों की संख्‍या कितनी होती हैं ? 

(a) 12

(b) 10

(c) 16

(d) 8

उत्‍तर – D 8

(22) मानव में  चर्वणक  (Molars) दांतों की संख्‍या कितनी होती हैं  ? 

(a) 12

(b) 8

(c) 6

(d) 4

उत्‍तर –  A 12

(23) दांतों में सडन शुरू हो जाती हैं जब हमारें मुँह का P. H .मान कितना होता हैं ? 

(a) 5.6

(b) 5.7

(c) 5.5

(d) 5.4

उत्‍तर – B 5.5

(24) मनुष्‍य के दांतों में निम्‍नलिखित में सें क्‍या होता हैं ? 

(a) कैल्शियम

(b) प्राटीन

(c) खनिज

(d) कार्बोहाइड्रेट

उत्‍तर – कैलिशयम

(25) दांतों के क्षय ( क्षरण ) को रोकने के लिए अधिकांश टूथपेस्‍टों में क्‍या होता हैं ? 

(a) ब्रोमाइड

(b) फ्लोराइड

(c) आयोडाइड

(d) क्‍लोराइड

उत्‍तर – B  फ्लोराइड

(26) एक वयस्‍क मनुष्‍य में कुल दांतों की संख्‍या कितनी होती हैं ? 

(a) 36

(b) 24

(c) 20

(d) 32

उत्‍तर – D 32

(27) एक बच्‍चे में  सामन्‍यत : दांतोंं की संख्‍या कितनी होती हैं ? 

(a) 32

(b) 16

(c) 20

(d)  10

उत्‍तर – C 20

(28) इन्‍सुलिन की कमी से कोन सा रोग हो जाता हैं ? 

(a) कैंसर

(b) एनीमियां

(c) मधुमेह

(d) बेरी – बेरी

उत्‍तर – C मधुमेह

(29) पीलिया रोग मानव शरीर में प्रभावित अंग कौन सा होता हैं ? 

(a) आंत

(b) आमाशय

(c) हृदय

(d) यकृत

उत्‍तर – D  यकृत

(30) प्रोटीन की कमी से मानव शरीर में कौन सा रोग हो जाता हैं ? 

(a) स्‍कर्वी

(b) बेरी – बेरी

(c) क्‍वाशियोर्कर

(d) रिकेट्स

उत्‍तर – C क्‍वाशियोर्कर

(31) विटामिन की कमी से कौन सा रोग हो जाता हैं ? 

(a) नाइट ब्‍लाइंडनेस

(b) बेरी – बेरी

(c) रिकेट्स

(d) इनमें से कोई नहीं

उत्‍तर – B बेरी – बेरी

(32) केला कोनसे विटामिन का एक अच्‍छा स्रोत हैं ? 

(a) A

(b) D

(c) B

(d)  E

उत्‍तर –  (c)  B

(33) मानव में निम्‍ननिखित में से किस विटामिन की कमी से रिकेट्स की बीमारी हो जाती हैं ?

(a) विटामिन B

(b) विटामिन D

(c) विटामिन A

(d) विटामिन C

उत्‍तर – (b) विटामिन D

(34) मानव शरीर में किसी भी व्‍यक्ति के पाचन तंत्र की जॉंच करने के लिए इस्‍तेमाल किया जाने वाला यंत्र कोनसा होता हैं ? 

(a) ओसिलो स्‍कोप

(b) रेडियोग्राफ

(c) माइक्रो स्‍कोप

(d) इंडोस्‍कोप

उत्‍तर – D इंडोस्‍कोप

(35) मानव शरीर में कौन सा हार्मोन रक्‍त  ( खून ) में शर्करा की मात्रा नियंत्रित करता हैं ? 

(a) इन्‍सुलिन हार्मोन

(b) ऑक्‍सीटोसिन हार्मोन

(c) थायरोक्सिन हार्मोन

(d) ग्‍लूकोजन हार्मोन

उत्‍तर – A इन्‍सुलिन हार्मोन

PART -1  Digestive system in Hindi

PART -2 Digestive system in Hindi

FAQ 

Ques . 1 पाचन तंत्र क्‍या है । समझाइए ?

पाचन तंत्र की परिभाषा in hindi : पाचन तंत्र मानव शरीर का एक ऐसा तंत्र हैं जिसमें मानव शरीर के सभी अंग एक व्‍यवस्थित ढंग से कार्य करते हैं एंव इसमें मुँँह, आमाशय ,यकृत छोटी आंत और बडी आंत आदि अंग शामिल होते हैं   और यह जटिल भेज्‍य पदार्थों को सरल भोज्‍य पदार्थों में तोडना पाचन तंत्र कहलाता हैं ।

Ques . 2 पाचन तंत्र ( digestive system )  कितने प्रकार के होते हैं?

पाचन तंत्र सामान्‍यत: दो प्रकार के होते हैं , जिसमें पहला पाचन तंत्र मैकेनिकल (मशीनी ) पाचन तंत्र होता हैं जिसमें हम भोजन को तोडकर एंव चबाकर खाते हैं और दूसरा कैमिकल पाचन तंत्र  हौता है जिसमें मानव शरीर में कैमिकल क्रियाऐं एंव रियेक्‍सन होती हैं जिसमें हमारे शरीर में कुछ पाचक एन्‍जाइम स्रावित होते हैं जिससे हमारे भोजन का पाचन होता हैं ।

Ques . 3 पाचन तंत्र ( digestive system ) के 4 मुख्य कार्य क्या हैं? 

पाचन तंत्र के कार्य

  1. पाचन तंत्र का मुख्‍य कार्य भोजन को पचाने का होता हैं ।
  2. पाचन तंत्र भोजन को ग्रहण करने का कार्य करता हैं ।
  3. पाचन तंत्र के माध्‍यम से भोजन को चबाकर छोटे – छोटे टुकडे किए जाते हैं।
  4. पाचन तंत्र के माध्‍यम से पचित भोजन को मल के रूप में मल द्वार द्वारा बाहर किया जाता हैं ।

Ques .4 खाना पचाने का काम कौन करता हैं ? 

हमारा खाना पचाने का कार्य विभिन्‍न प्रकार के अंग करते हैं जिसमें हमारा मुख , दांत , विभिन्‍न लार ग्रंथियां ,आमाशय , छोटी ऑंत और बडी ऑंत आदि हमारे पाचन तंत्र में शामिल हाेते हैं ।

Ques . 5 भोजन पेट में कितने घंटे में पच जाता है?

Ques. 6 रेक्टम क्या है ।

रेक्‍टम मलाशय के अंतिम भाग को या बृहदान्त्र को मलाशय (rectum) कहते हैं।

भोजन के पाचन में लगभग 24 से 72 घंटे का समय लगता हैं लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता हैं कि आपने भोजन के रूप में क्‍या खाया हैं और आप शरीर में हेल्‍दी या कमजोर हैं ।

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